Bio diversity-जैव विविधता की परिभाषा, संरक्षण, कारण, प्रकार, मापन, लाभ jaiv vividhata kya hai in hindi

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जानिए Biodiversity जैव विविधता की परिभाषा, संरक्षण, कारण, प्रकार, मापन, लाभ what is Bio-diversity in hindi- importance, loss and conservation, jaiv vividhata kya hai in hindi:

अकसर लोग इंटरनेट पर सर्च करते है की जैव विविधता क्या है उदाहरण सहित समझाइए तो इसलिए यहा पर आज आप को जैव विविधता के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी मिलेंगी जैसे की जैव विविधता क्या है (jaiv vividhata kya hai),जैव विविधता के प्रकार एवं महत्व, जैव विविधता की परिभाषा और साथ मे जैव विविधता का महत्व PDF (what is Bio-diversity in hindi Pdf आप को मिलेगी जिसे आप डाउनलोड कर सकते हो अपने reference के लिए

जैव विविधता संरक्षण : 1992 में रियो डि जेनेरियो ब्राजील में आयोजित पृथ्वी सम्मेलन में जैव-विविधता की मानक परिभाषा अपनाई गई

Table of contents

जैव-विविधता की परिभाषा

जैव विविधता ग्रह पर जीवन की विविधता को दर्शाती है, जो किसी दिए गए जलवायु में मौजूद प्रजातियों, जैविक प्रणालियों और वंशानुगत संपत्तियों की विविधता को कवर करती है। यह पौधों, प्राणियों, सूक्ष्मजीवों और जैविक प्रणालियों के अंदर उनके सहयोग सहित विभिन्न प्रकार के जीवन की संपत्ति और अतिप्रवाह का अनुपात है

जैव विविधता, जैविक संतुलन, बहुमुखी प्रतिभा और ग्रह की सामान्य सुदृढ़ता को बनाए रखने में एक आवश्यक भूमिका निभाती है, जो पर्यावरण और मानव जाति को दिए जाने वाले प्रशासन की समर्थनशीलता को जोड़ती है

जैव-विविधता समस्त स्रोतों, यथा अंतक्षेत्रीय, स्थलीय, सागरीय एवं अन्य जलीय पारिस्थितिकी तंत्रों के जीवों के मध्य अंतर और साथ ही उन सभी पारिस्थितिकी समूह जिनके ये भाग हैं, उसमे पाई जाने वाली विविधताएँ हैं। इसमें एक प्रजाति के अंदर पाई जाने वाली विविधता, विभिन्‍न जातियों के मध्य विविधता तथा पारिस्थितिकी विविधता सम्मिलित हैं

जेव-विविधता शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग बाल्टर जी, रोजेन द्वारा किया गया

Also Read:

जैव-विविधता के प्रकार

आनुवंशिक विविधता

किसी समुदाय के एक ही प्रजाति के जीवों के जीन में होने वाला परिवर्तन ही आनुवंशिक विविधता है। उदाहरण – खरगोश की विभिन्‍न नस्‍लें।

प्रजातीय विविधता

इसका आशय किसी पारिस्थितिकी तंत्र के जीव-जंतुओं के समुदायों की प्रजातियों में विविधता से है। उदाहरण – किसी समुदाय की विभिन्‍न प्रजातियाँ।

सामुदायिक या पारितंत्र विविधता

एक समुदाय के जीव-जंतुओं और बनस्पतियों एवं दुसरे समुदाय के जीव-जंतुओं व बनस्पतियों के बीच पाई जाने वाली विविधता सामुदायिक विविधता या पारितंत्र विविधता कहलाती है।

जैव-विविधता का मापन

इसका आशय प्रजाति की संख्या और उसकी समृद्धि के आकलन से है। इस हेतु 3 विधियाँ प्रचलन में हैं

अल्फ़ा-विविधता

यह किसी एक निश्चित क्षेत्र के समुदाय या पारितंत्र की जैव-विविधता है।

बीटा-विविधता

इसके अंतर्गत पर्यावरणीय प्रवणता के साथ परिवर्तन के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना की जाती है।

गामा-विविधता

इसके द्वारा एक भौगोलिक क्षेत्र या आवासों की प्रजातियों की प्रचुरता का पता चलता है।

Also Read:

जैव-विविधता की प्रवणता

अक्षाशों में प्राय: उच्च अक्षांश से निम्न अक्षांश की ओर एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऊपर से नीचे की ओर आने पर प्रजातियों की संख्या में आने वाला अंतर, जैव-विविधता की प्रवणता कहलाता है

उच्च अक्षांश से निम्न अक्षांश (ध्रुवों से भूमध्य रेखा) की ओर पारिस्थितियाँ अनुकूल होने के कारण जेव-विविधता में वृद्धि होती है।

जैव-विविधता को खतरा

प्राकृतिक वास का विनाश जैव-विविधता के हास के लिये सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारक है। अन्य कारण-विदेशी प्रजातियों का प्रवेश, प्रदूषण, जनसंख्या वृद्धि एवं गरीबी, प्राकृतिक कारण, यथाबाढ़, भूकंप, जलवायु परिवर्तन, कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पशु-पक्षियों का अवेध शिकार इत्यादि।

गौरतलब है कि प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा नामक पादप प्राय: समाचारों में बना रहता है क्‍योंकि यह जहाँ उगता है वहाँ की जैब विविधता को कम करने लगता है। इसके कारण इसके आस-पास के क्षेत्रों में वनस्पति को नुकसान होता है। साथ ही, यह जानवरों को भी नुकसान पहुँचाता है। इसके इस दुर्गुण के कारण मार्च 2017 में मद्रास हाईकोर्ट ने तथा मार्च 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसे हटाने के निर्देश दिये हैं।

जैव-विविधता हॉटस्पॉट

विश्व के कुछ क्षेत्रों में प्रजातियों की अत्यधिक जैव-विविधता पाईं जाती है, साथ ही निवास स्थान की हानि का गंभीर स्तर भी पाया जाता हे, ऐसे क्षेत्रों को जैव-विविधता हॉटस्पॉट कहते हैं

जैव-विविधता हॉटस्पॉट की संकल्पना को पर्यावरणविद्‌ नार्मन मायर्स ने 1988 में विकसित किया

किसी स्थान को हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित करने हेतु मापदंड

इस क्षेत्र में कम-से-कम 0.5% या 1500 से अधिक स्थानिक संवहनीय पोधों की प्रजातियाँ होनी चाहिये।

इस क्षेत्र में प्राथमिक वनस्पति कम-से- कम 70% नष्ट हो चुका हो।

उपयुक्त कारको को सम्मलित करते हुए विश्व के जिन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्थानिक प्रजातियों की प्रचुरता पाई जाती है वे क्षेत्र अत्यधिक हॉटस्पॉट क्षेत्र कहलाते है इसके विनाश का भी खतरा अधिक है

Also Read:

भारत के प्रमुख हॉटस्पॉट क्षेत्र

भारत के प्रमुख हॉटस्पॉर्ट क्षेत्र भारत के चार क्षेत्र विश्व के जैव-विविधता बाहुलय क्षेत्र में आते हैं

हिमालय क्षेत्र: इसके अंतर्गत संपूर्ण हिमालय तथा पाकिस्तान, नेपाल, तिब्बत, भूटान, चीन, एवं म्याँमार में पड़ने वाले हिमालयी क्षेत्र आते है यहाँ एक सींग वाला गैंडा, एशियाई जंगली भैंसा, सुनहरा लंगूर, हिमालय का ताहर, गंगा की डॉल्फिन, नामदफा उड़ने वाली गिलहरी आदि पाए जाते हैं।

इंडो-बर्मा क्षेत्र: यह बंदर, लंगूर, गिब्बन आदि कपियों का आवास क्षेत्र है। इसके अंतर्गत उत्तर-पूर्वी भारत का क्षेत्र, म्याँमार, थाइलैंड, वियतनाम, लाओस, कंबोडिया एवं दक्षिणी चीन आता है।

पश्चिमी घाट और श्रीलंका: यह दक्षिण-पश्चिमी भारत एवं श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम के उच्च भूमि क्षेत्र तक फैला हुआ है। एशियाई हाथी, नीलगिरी ताहर, शेर पूँछ वाला बंदर (मकाक) आदि कुछ विशेष प्रजातियाँ हैं।

सुंडालैंड हॉटस्पॉट: दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित इंडो-मलाया द्वीप समूह के पश्चिमी भाग तक विस्तृत है। भारत का निकोबार द्वीप समूह इसके अंतर्गत आता है। प्रवाल, व्हेल, समुद्री गाय (ड्यूगॉन्ग) आदि विशेष प्रजातियाँ हैं।

विश्व में कुल 35 जैव-विविधता हॉटस्पॉट क्षेत्र हैं

Also Read:

Bio diversity-जैव विविधता के बारे मे पूछे जाने वाले कुछ FAQ’s

जैविक विविधता की परिभाषा क्या है?

जैव विविधता ग्रह पर जीवन की विविधता को दर्शाती है, जो किसी दिए गए जलवायु में मौजूद प्रजातियों, जैविक प्रणालियों और वंशानुगत संपत्तियों की विविधता को कवर करती है। यह पौधों, प्राणियों, सूक्ष्मजीवों और जैविक प्रणालियों के अंदर उनके सहयोग सहित विभिन्न प्रकार के जीवन की संपत्ति और अतिप्रवाह का अनुपात है

जैव विविधता क्या है UPSC?

जैव विविधता, जैविक संतुलन, बहुमुखी प्रतिभा और ग्रह की सामान्य सुदृढ़ता को बनाए रखने में एक आवश्यक भूमिका निभाती है, जो पर्यावरण और मानव जाति को दिए जाने वाले प्रशासन की समर्थनशीलता को जोड़ती है

जैव विविधता का जनक कौन है?

जैव विविधता के जनक का श्रेय एडवर्ड ओ. विल्सन (Adward O. Willians) को दिया जाता है वह एक अमेरिकी जीवविज्ञानी, शोधकर्ता और प्रकृतिवादी थे जिन्होंने जैव विविधता और पारिस्थितिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वह चींटियों और सामाजिक कीड़ों के अध्ययन में अग्रणी थे, और उन्होंने समाजशास्त्र के क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

भारत में जैव विविधता के लेखक कौन है?

जैव विविधता का भारतीय लेखक वाल्टर जी.रोसेन है

जैव विविधता किसे कहते हैं यह कितने प्रकार के होते हैं?

आनुवंशिक विविधता, प्रजातीय विविधता और गामा-विविधता यह तीन जैव विविधता प्रकार है

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.